मुंबई: रोसमारटा डिजिटल सर्विसेज के प्रस्तावित SME IPO को लेकर बाजार में विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। कंपनी के करीब 200 करोड़ रुपये के इश्यू से पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), वित्त मंत्रालय और अन्य जांच एजेंसियों के समक्ष शिकायतें पहुंचने का दावा किया गया है। शिकायतों में कंपनी के DRHP में कथित तौर पर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने, वित्तीय आंकड़ों को लेकर सवाल और SEBI की अंतिम मंजूरी से पहले IPO से जुड़ी सूचनाएं प्रसारित किए जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
मुंबई के निवेशक रोहित विजय निर्मल की ओर से की गई शिकायत में कंपनी के प्रमोटरों कार्तिक विवेक नागपाल, करण विवेक नागपाल, ट्रस्ट प्रमोटर आरती नागपाल और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि कंपनी की कारोबारी गतिविधियों, संबंधित पक्षों और प्रमोटर समूह से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों का पर्याप्त खुलासा नहीं किया गया।
प्रमोटर परिवार से जुड़े पुराने विवाद भी उठे
शिकायत में प्रमोटरों के पिता विवेक नागपाल से जुड़े पुराने विवादों और कानूनी मामलों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विवेक नागपाल का अतीत पूंजी बाजार से जुड़े कथित हेरफेर, वित्तीय अनियमितताओं और अन्य मामलों से जुड़ा रहा है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि विवेक नागपाल को अतीत में SEBI की ओर से प्रतिभूति बाजार में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया था। हालांकि, इन आरोपों और पुराने मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
रोसमारटा समूह से जुड़ी विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ लंबित मामलों का भी शिकायत में हवाला दिया गया है। इनमें कथित बैंक गारंटी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े विवाद शामिल बताए गए हैं।
DRHP में शेयर आवंटन को लेकर भी सवाल
कंपनी के DRHP के एक हिस्से में रीना राय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। दस्तावेज के मुताबिक, 3 मार्च 2021 से 30 मार्च 2024 के बीच रोसमारटा डिजिटल सर्विसेज के 30,000 इक्विटी शेयर उन्हें जारी किए गए थे।
शिकायत में रीना राय के अन्य कारोबारी संस्थाओं से संबंधों का उल्लेख करते हुए इन संस्थाओं और रोसमारटा के प्रमोटर समूह के बीच संभावित संबंधों पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि नियामकीय एजेंसियां संबंधित पक्षों के बीच कारोबारी और वित्तीय संबंधों की जांच करें।
SEBI की मंजूरी से पहले IPO की जानकारी?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल IPO की समयसीमा और कीमत से जुड़ी सूचनाओं को लेकर उठाया गया है। शिकायत के अनुसार, SEBI की अंतिम मंजूरी मिलने से पहले ही बाजार में कथित तौर पर IPO का प्राइस बैंड, लॉट साइज और बिडिंग की तारीखें प्रसारित होने लगी थीं।
इन सूचनाओं में 14 नवंबर 2024 को एंकर बिडिंग, 18 नवंबर को इश्यू खुलने और 21 नवंबर को बंद होने की तारीखें बताई गई थीं। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी की वेबसाइट पर भी ऐसी जानकारी उपलब्ध कराई गई थी।
हालांकि, किसी IPO की वास्तविक लॉन्च टाइमलाइन और अंतिम शर्तों की पुष्टि संबंधित नियामकीय दस्तावेजों और आधिकारिक एक्सचेंज घोषणाओं से ही की जानी चाहिए।
तीन साल में कारोबार में बड़ा उछाल
रोसमारटा डिजिटल सर्विसेज के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर भी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2022 को कंपनी का राजस्व लगभग 20 लाख रुपये था और उसे करीब 3 लाख रुपये का घाटा हुआ था।
इसके बाद कंपनी के कारोबार में तेज वृद्धि दर्ज की गई। 31 मार्च के बाद के वित्तीय आंकड़ों में राजस्व लगभग 84 करोड़ रुपये और मुनाफा करीब 10.56 करोड़ रुपये बताया गया है। सितंबर तिमाही में कंपनी का लाभ 14.83 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का दावा किया गया है।
इतनी कम अवधि में कारोबार और मुनाफे में आए इस उछाल ने निवेशकों के बीच कंपनी की आय की गुणवत्ता, कारोबार की स्थिरता और भविष्य की कमाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, केवल तेज वित्तीय वृद्धि को अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए ऑडिटेड वित्तीय विवरण, ग्राहक आधार, संबंधित पक्षों के लेनदेन और कैश फ्लो जैसे आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा जरूरी होगी।
अब जांच के नतीजों पर नजर
रोसमारटा डिजिटल सर्विसेज के प्रस्तावित
