स्केम 1992-द हर्षद महेता
स्केम 1992-द हर्षद महेता

दुनिया की नंबर 1 वेबसिरिस ‘ स्केम 1992-द हर्षद महेता स्टोरी’IMDB 9.6 रेटिंग की कहानी के बारे मे जानते है। क्या आप जानते है की इन दिनो जहां पर बॉलीवुड और वहाँ पर बनने वाली मूवी है तो वही आज हमारे भारत देश मे वेबसिरीज अपना कमाल दिखा रही है जेसे की आपने मिर्ज़ापुर जे सी कई वेबसिरीज प्रसिद्धि हो रही है और एसी एक वेबसिरीज़ जो की इन दिनो प्रसिद्ध हो रही है। जिसका नाम है स्केम 1992 जो की प्रसिद्ध डाइरेक्टर हंसल महेता के द्वारा डाइरैक्ट की गयी है। दरसल यह कहानी हर्षद महेता जिसे एक जमाने मे स्टोके मार्केट का अमिताभ बचन कहा जाता था। करीब 5000 करोड़ का घोटाल करके उस समय पूरे भारत को हिला डाला था।

स्केम 1992-द हर्षद महेता
स्केम 1992-द हर्षद महेता

हर्षद मेहता एक गरीब गुजराती परिवार मे जन्म लेने वाले हर्षद मेहता की जेब तो खाली थी मगर उसकी आंखो मे भरे सपने बहूति बड़े थे। फिर इसी के चलते ही अपनी महेनत और दिमाग के बलबूते पर वह स्टोक मार्केट के बिग बुल के नाम से जाने जाते थे।अपने सपने पूरे करने के लिए हर्षद महेता ने इतने सारे घोटाले को अंजाम दिया इस घटना से हर्षद महेता के नाम को भारत के सबसे बड़े घोटाले मे गिना जाता है।

हम जानेगे की हर्षद महेता के जाने के बाद उसके परिवार का क्या हाल हुआ होगा और आज वो क्या कंडिशन मे जी रहा होगा।शायद आप मे से कई लोगो ने इस वेबसिरीज़ स्केम 1992 को नहीं देखा होगा तो इसि लिए हम आपसे हर्षद महेता के लाइफ और उनके द्वारा किये गए स्केम के बारे में शोर्ट में जानेगे

1954 में गुजराती परिवार में जन्मे हर्षद महेता ने अपना बचपन छत्तीसगढ़ के राइपुर शेहर में बिताया और राइपुर से स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद से वह वापस मुंबई अगऐ और लाजपतराय कॉलेज से B.COM हालाकि कोई अची जॉब न मिलपाने से वह हाजरी कपडे बेच ने से लेकर डायमंड चुनने काभी काम करने लगे फिर सटके मार्किट में हर्षद की एंट्री तब हुई जब हुन्होने न्यू इंडिया एश्योरन्स में नोकरी करनि शुरू की और फिर यहिसे हर्षद महेता की स्टोके मार्किट में दिलचस्पी बढ़ी और नोकरी छोड़कर उन्होंने 1981 में ब्रोक्रेज को जॉइन कर लिया और फिर धीरे धीरे आगे चलकर 1990 तक हर्षद महेता एक बड़ा नाम बन चूका था हर्षद महेता जिसभी चीज को छुता वो सोना बन जाती उस समय हर्षद महेता को स्टोक मार्किट का “अमिताभ बचन और BIG BULL” के नाम से जाना जाता था।

हर्षद महेता को स्टोके मार्किट की अच्छी समज तो थी मगेर उनके लालच ने आगे जाकर बड़े घोटाले का रूप ले लिया हर्षद ने बैंकिंग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया और बहुत सारा पैसा बैंक से लेकर शेर मार्किट में लगा दिया हाला की टाइम्स ओह इंडिया की जौर्नालिस्ट सुचेता दलाल को इस बात की भनक लग गई तो फिर 23 अप्रेल,1992 को इस पुरे स्केम को अपने News paper के रिपोर्ट में छाप दिया और फिर सब घोटाले सामने आने लगे तो जितनी जल्दी शेर मार्किट उपर चला उतनीही तेजी से नीचे गीर गया जिससे बहोत सारे हर्षद महेता को फॉलो करने वाले लोग बुरी तरह से बर्बाद होगये और यह घटनाने मुम्बई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देलही में संसद तक इस घोटाले की गूंज उठी।

जब इस स्केम की जांच करने के लिए टीम बनाई गयी तब नवम्बर 1992 मे CBI ने हर्षत महेता को गिरफ्तार कर लिया और फिर सामने आया की इस घोटाले मे उनके भाई अरविन को भी कसटीडी मे ले लिया गया था और घोटाले का पर्दाफास होजने पर हरसहद महेता पर 72 क्रिमिनल चारजिस एसएटीएचआई करीब 600 सिविल केसिस उनके खिलाफ फ़ाइल किए गए लेकिन 3 महीने बाद ही हर्षत महेता और उनके भाई जमानत पर रिहा कर लिए गए थे।

जाईल से बाहर आकर खुलासा किया की उन्होंने उस समय के प्रधान मंत्री प.वी.नरसिम्हाराव को 1 करोड़ उनकी पार्टी मे दिये थे लेकिन यह बात कभीभी साबित नही हो सकी थी और फिर 1997 मे स्पेशल कोर्ट ने मेहता के खिलाफ CBI के द्वारा लगाए गए 72 आरोपो मे से 34 को मंजूरी देदी जिसकी वजेसे हर्षद महेतासजा और 3 अन्य को 5 साल की सजा सुनाई गयीहाला की एक बार जमनत तो मिल गयी लेकिन दुबारा 2001 मे किसी केस मे हर्षद महेता को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर आखिरकार 31 दिसम्बर, 2001 मे 47 साल की उम्र मे तिहार जैल मे हार्ट अटैक की वजेसे हर्षद महेता की मौत हो गयी।

अगर आप स्केम 1992 नहीं देखि है तो जरूर देखिये क्योकि इस वेबसिरिस को 9.6 रेटिंग दीगयी है।

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