भारत (India) ने 20-25 फरवरी के बीच दो नौसेना रक्षा प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने के लिए एक युद्धपोत (Warship) को अबू धाबी (Abu Dhabi) भेजा है. यह भारत और यूनाइटेड अरब अमीरात (United Arab Emirates) के बीच सैन्य सहयोग (Military Cooperation) में धीरे-धीरे हो रहे विस्तार को दिखाता है.

अधिकारियों ने बताया कि ‘युद्धपोत प्रलय’ नौसेना रक्षा प्रदर्शनी (NAVDEX 21) में और अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शन (IDEX 21) में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को अबू धाबी पहुंचा. भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘भारतीय नौसेना के एक जहाज का नेवडेक्स- 21 और आईडेक्स- 21 में हिस्सा लेना भारत और यूनाइटेड अरब अमीरात के बीच प्रगाढ़ संबंधों को भी दर्शाता है’.

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने दिसंबर में यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) का दौरा किया था. खाड़ी देश (Gulf nation) के लिए 1.3 मिलियन मजबूत सेना के प्रमुख की ओर से पहली बार किया गया यह दौरा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था.

सऊदी अरब की इस ऐतिहासिक यात्रा का जिक्र किए बिना नरवणे ने कहा था कि 2019 में सामरिक भागीदारी परिषद के गठन से दोनों देशों के बीज कई क्षेत्रों में सहयोग के नए मार्ग खुले हैं. इसमें प्रतिरक्षा, सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र भी शामिल हैं.

मालूम हो कि यह भारतीय सेना के किसी प्रमुख की सऊदी अरब की पहली यात्रा थी. सामरिक भागीदारी परिषद दोनों पक्ष के बीच रणनीतिक भागीदारियों में प्रगति की समीक्षा करती है. जनरल नरवणे ने इस यात्रा के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की थी.

INS प्रलय (INS Pralaya) स्वदेश निर्मित प्रबल क्लास मिसाइल पोत का दूसरा जहाज है और इसे हथियारों और सेंसरों के एक प्रभावशाली सीरीज के साथ लगाया गया है जिसमें चैफ लॉन्चर और लंबी रेंज वाली सतह से सतह पर मारने वाली मिसाइलें शामिल हैं.

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