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चक्रवाती तूफान ‘यास’ के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने की आशंका है। वहीं तटीय इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों में बने राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है।

चक्रवाती तूफान ‘यास’ के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने की आशंका है। वहीं तटीय इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों में बने राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है। ओडिशा के एडीजी वाईके जेठवा ने बताया कि 81,661 लोग जो प्रभावित इलाकों में रह रहे हैं उनको अभी तक बाहर निकाला गया है और राहत शिविर में पहुंचाया गया है। ऑपरेशन में तेजी लाई जा रही है जो शाम तक समाप्त हो जाएगा। ओडिशा के कई इलाकों में बारिश की जोखिम को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास ने बताया कि धमरा और चांदबाली के बीच चक्रवात के दस्तक देने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि यास के मंगलवार शाम तक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के छह घंटे पहले और बाद तक इसका गंभीर असर देखने को मिलेगा। 

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गृह राज्य मंत्री डी एस मिश्रा को राज्य के उत्तरी हिस्से में हालात की निगरानी करने के लिए बालासोर भेजा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तटवर्ती जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम तेजी से हो रहा है। उन्होंने बताया कि यास के तट तक पहुंचने के बहुत पहले ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। चक्रवात के दस्तक देने के दौरान समुद्र में 2-4.5 मीटर की लहरें उठने के अनुमान के चलते लोगों को को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 

आईएमडी ने मंगलवार सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर जारी अपने बुलेटिन में कहा कि यास के अगले 12 घंटे में उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा में बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि यह प्रवाह पिछले छह घंटे के दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। सुबह साढ़े पांच बजे यह यह पारादीप (ओडिशा) से करीब 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और दीघा (पश्चिम बंगाल) से 420 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था। 

ओडिशा के मयूरभंज जिले और पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों में हवा की रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। ओडिशा के पुरी, कटक, खुर्दा और जाजपुर जिले तथा पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और उत्तरी 24 परगना जिलों में 80-90 किलोमीटर रफ्तार की हवाएं 110 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने अगली सूचना तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी बुधवार तक कई पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है।

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