हर दिन आ रहे 3.50 लाख से अधिक कोरोना केसों और हजारों मरीजों की मौत के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या केंद्र सरकार पिछले साल की तरह पूरे देश में लॉकडाउन लगाएगी? नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल से बुधवार को जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकारों को प्रतिबंधों को लेकर दिशा निर्देश दे चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में कुछ और करने की जरूरत पड़ती है तो उसको लेकर हमेशा चर्चा की जाती है।

वीके पॉल ने कहा, यदि संक्रमण बहुत बढ़ता है तो चेन को तोड़ने के लिए प्रतिबंध लगाया जाता है। लोगों की आवाजाही रोकी जाती है। इस संबंध में 29 अप्रैल को गाइडलाइंस जारी की गई थी जिसमें कहा गया था हमें ट्रांसमिशन को रोकना है और जिन इलाकों में संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा है, वहां पर सरकारों को नाइट कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गई है। राज्य सरकारें फैसला लेंगी। इसके अलावा, सामाजिक, राजनीतिक, खेल, धार्मिक जुटान पर रोक है। शॉपिंग कॉम्पलेक्स, सिनेमा घर, रेस्त्रां, बार, स्पोर्ट्स कॉम्लेक्स, स्वीमिंग पूल, धार्मिक स्थल आदि को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा साफ कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय हालात का आकलन करें और उस हिसाब से फैसला लें। इस अडवाइजरी के आधार पर राज्य सरकारें फैसला ले रहे हैं। इन गाइडलाइंस के अलावा यदि कुछ और जरूरत पड़ती है तो उन विकल्पों पर भी विचार किया जाता है। राज्य सरकारों को संक्रमण रोकने के लिए प्रतिबंध लगाने के लिए पहले ही गाइडलाइंस जारी की जा चुकी है।

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