कंगना रनौत बॉलीवुड को कई बार निशाने पर लेती रहती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि वह बॉलीवुड गोरे लोगों के लिए ज्यादा झुकाव रखता है। उन्होंने कहा कि वह अपने रंग के बदौलत इंडस्ट्री में कुछ साल बनी रह सकती थीं, लेकिन खुद को उससे ज्यादा साबित करने का फैसला लिया। 

सुंदर मतलब गोरा होना

कंगना रनौत ने 2006 में फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वह इससे पहले भी रंगभेद पर बात कर चुकी हैं और फेयरनेस ब्रैंड को इंडोर्स करने से मना किया था। ETimes से बातचीत के दौरान कंगना ने बताया, मैंने अपनी खुद की जगह बनाने की कोशिश की और यह बड़ा संघर्ष था। मुझे जो परोसा जा रहा था अगर मैं वही करती रहती तो मुझे नहीं लगता कि यहां तक आ पाती। उनके लिए सुंदर होने का मतलब गोरा होना है। मैं बहुत गोरी थी और मैं 3-4 साल यहां टिकी रह सकती थी, जो कि कोई भी गोरा इंसान कर सकता है। उन्हें बस यही चाहिए था। लेकिन मुझे ये नहीं रास आ रहा था। मेरा गोरा रंग मेरी सबसे कम पसंदीदा चीजों में से है। 

बचपन से कंगना की है ऐसी सोच

एक व्यक्ति के तौर पर मुझमें बहुत कुछ था और मैं हैरान थी कि किसी को इसकी परवाह नहीं। उनको इससे कुछ लेना-देना ही नहीं था। अब मैं जिस बनकर सामने आई हूं, इसे देखकर वे हैरान होंगे। इससे पहले कंगना ने 2013 में कहा था, बचपन से ही मुझे फेयरनेस का कॉन्सेप्ट समझ नहीं समझ आया। खासतौर पर एक सिलेब्रिटी के तौर पर, मैं युवाओं के सामने क्या उदाहरण रख रही हूं? 

मेरी बहन रंगोली है सांवली…

कंगना ने कहा था, मेरी बहन रंगोली सावंली है, फिर भी खूबसूरत है। अगर मैं गोरेपन के कैंपेन का हिस्सा बनूं तो एक तरह से उसकी इंसल्ट होगी। अगर मैं अपनी बहन के साथ ऐसा नहीं कर सकती तो पूरे राष्ट्र के साथ कैसे कर सकती हूं। 

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